Posts

Showing posts from December, 2021

राम केवट सुनो तुम तरणी के मल्हार

  राम - सुनो तुम तरणी के मल्हार-2 हमे जाना है परली पार -2 केवट - सुनो तुम दशरथ राजकुमार-2  करो हमे भवसागर के पार -2 राम - केवट पार उतार दो जाना हमे ज़रूर उतराई ले लीजिये जो   हो   तुम्हे मंजूर सुनो तुम तरणी के मल्हार-2  हमे जाना है परली पार केवट - नदी नाव के हम है खिवैया-2 (वैतरणी के तुम रघुराई-2) उतराई लूंगा नहीं सच्ची लीजो जान केवट - सुनो तुम दशरथ राजकुमार करो हमे भवसागर के पार -2

रावण मारीच सुन मारीच निशाचर भाई

  रावन सुन मारीच निशाचर भाई चल मोरे संग जहाँ रघुराई होहू कपट मृग तुम छलकारी , मैं हर लाऊं उनकी नारी मारीच सुनहु दशानन बात हमारी जिनको कहे तुम नर और नारी वे जगदीश चराचर स्वामी , राम रमण पितु अंतर्यामी

अयोध्या के निकट ये रंज के आसार कैसे है

अयोध्या के निकट ये रंज के आसार कैसे है-2 पड़े चारो तरफ ये खाक के अंबार कैसे है अयोध्या के निकट ये रंज के आसार कैसे है-2 शाही महलों मे चीलेआज-2 क्यो मंडरा रही इतनी सभी छोटे बड़े क्यूँ आंख से आंसू बहाते है अयोध्या के निकट ये रंज के आसार कैसे है-2   ये सूर्य वंश का झंडा-2 झुका है शौक मे किसके नहीं कुछ समझ आता है फड़कती आंख बाई है अयोध्या के निकट ये रंज के आसार कैसे है-2 नगर के हर तरफ मातम-2 ही मातम नजर आता है पड़े सुने अयोध्या के सभी बाजार कैसे है अयोध्या के निकट ये रंज के आसार कैसे है-2 पड़े चारो तरफ ये खाक के अंबार कैसे है अयोध्या के निकट ये रंज के आसार कैसे है-2

पिताजी कैसे व्याकुल है, हमे माता बता दीजो

पिताजी   कैसे   व्याकुल   है ,  हमे   माता   बता   दीजो-2 हुआ   अपराध   जो   मुझसे ,   क्षमा   माता   करा   दीजो-2   पिताजी   कैसे   व्याकुल   है ,  हमे   माता   बता   दीजो-2 मुझे   है   शौक   अतिभारी-2   पिता   की   देख   हालत   को जो   देखा   दोष   हो   मुझमे   क्षमा   माता   करा   दीजो पिताजी   कैसे   व्याकुल   है ,  हमे   माता   बता   दीजो-2 जो   कारण   कोप   दायक   हो-2   जरा   जल्दी   बता   दीजो मेरा   ही   दोष   है   माता   मुझे   उसको   बता   दीजो पिताजी   कैसे   व्याकुल   है ,  हमे   माता   बता   दीजो-2 हुआ   अपराध   जो   मुझसे ,   क्षमा   माता   करा   दीजो-2   पिताजी   कैसे   व्याकुल ...

रघुकुल में सूर्य सामान हो तुम हे राम तुम्हारी जय होवे

  रघुकुल में सूर्य सामान हो तुम , हे राम तुम्हारी जय होवे - 2 असुरों के लिए कृशानु हो तुम , हे राम तुम्हारी जय होवे- 2 रघुकुल में सूर्य सामान हो तुम , हे राम तुम्हारी जय होवे   गो द्विज महिसुर संतो के हित- 2 नर तन में प्रगटे त्रिभुवन पति- 2 नर होकर भी निर्वाण हो तुम- 2 हे राम तुम्हारी जय होवे   रघुकुल में सूर्य सामान हो तुम हे राम तुम्हारी जय होवे   जो शंकर के सबसे सूत   हैं- 2  वे आज हमारे सन्मुख हैं- 2  हम भक्त और भगवान हो तुम , हे राम तुम्हारी जय होवे   रघुकुल में सूर्य सामान हो तुम , हे राम तुम्हारी जय होवे   बिन जाने वाद विवाद हुआ - 2 छामियेगा जो अपराध हुवा- 2  करूणानिधि कृपा निधान हो तुम- 2 हे राम तुम्हारी जय होवे   रघुकुल में सूर्य सामान हो तुम , हे राम तुम्हारी जय होवे   हे सीते शक्ति सदा जय हो- 2 हे लक्ष्मण शेष सदा जय हो- 2  सर्वोपरी महा महान हो तुम- 2 हे राम तुम्हारी जय होवे     रघुकुल में सूर्य सामान हो तुम , हे राम तुम्हारी जय होवे - 2 असुरों के लिए कृशानु हो तुम , हे राम तुम्हारी ज...

पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी

 पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2 कहीं छाया नहीं दिखे मैं चलती नाथ अब हारीवफ़-2 पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2 पड़े पैरों में हाय छाले हुए कांटो से खूनजारे  सूखे हैं होंट हाय स्वामी, में तड़पू प्यास के मारी पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2 कहाँ होगा लखन मुझे पानी पिला दीजो करो अब खोज जल्दी से जो है सीता तुम्हे प्यारी पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2 कहीं छाया नहीं दिखे मैं चलती नाथ अब हारीवफ़-2 पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2

ऐ मोत तूने हमको दर दर रुला के मारा

ऐ  मोत तूने हमको दर दर रुला के मारा घर से किये थे बेघर वन में रुला के मारा सामान ऐश के तो सब छूट ही गये थे फिर भी सबर ना आया दम दे रुला के मारा ऐ मोत............................................ बनकर फ़क़ीर हमने दर दर की खाक छानी इस खास ने फिर हमको आखिर रुला के मारा अफसोस हर तरह से कर दी सफाई तूने हम को जगा के मारा उन को सुला कर मारा ऐ मोत............................................ सारी अयोध्या तूने जालिम वीरान कर दी बेदर्द सारे कुल को क्या विश पिलाके मारा क्या दोष है किसी का अपने कर्म है खोटे घर के चिराग ने ही घर को जलाकर मारा ऐ मोत............................................

तंबाकू नहीं हमारे पास की भैया कैसे कटेगी

 तंबाकू नहीं हमारे पास की भैया कैसे कटेगी रात तंबाकू ऐसे मोहिनी जिसके लंबे पात लाख टके का आदमी, जाए पसारे हाथ तंबाकू नहीं हमारे पास की भैया कैसे कटेगी रात हुक्का करे गुड गुड गुड गुड चिलम करे चतुराई तंबाकू सारा खत्म हुवा, घर से लाओ भाई तंबाकू नहीं हमारे पास की भैया कैसे कटेगी रात