पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी

 पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2

कहीं छाया नहीं दिखे मैं चलती नाथ अब हारीवफ़-2

पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2

पड़े पैरों में हाय छाले हुए कांटो से खूनजारे 

सूखे हैं होंट हाय स्वामी, में तड़पू प्यास के मारी

पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2

कहाँ होगा लखन मुझे पानी पिला दीजो

करो अब खोज जल्दी से जो है सीता तुम्हे प्यारी

पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2

कहीं छाया नहीं दिखे मैं चलती नाथ अब हारीवफ़-2

पड़ी है धूप से गर्मी लगी है प्यास अति भारी-2

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